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NTA UGC NET JRF Paper 1 July 2018 solved Quiz

1.निम्नलिखित में से कौनसा कथन समुच्चय शिक्षण की प्रकृति और उद्देश्य का उत्तम ढंग से विवरण प्रस्तुत करता है?
नीचे दिए गए कूट में से अपने उत्तर को चुनिए :
(a) शिक्षण और अधिगम अविच्छिन्न रूप से संबंधित हैं।
(b) शिक्षण और प्रशिक्षण के बीच कोई अंतर नहीं है।
(c) समस्त शिक्षण का सरोकार छात्रों में कुछ प्रकार के रूपांतरण को सुनिश्चित करने से होता है।
(d) समस्त अच्छा शिक्षण प्रकृति में औपचारिक होता है।
(e) शिक्षक एक वरिष्ठ व्यक्ति होता है।
(f) शिक्षण एक सामाजिक कृत्य है, जबकि अधिगम एक व्यक्तिगत कृत्य है।
कूट:
(1) (a), (b) और (d) (2) (b), (c) और (e) (3) a,c,f (4)d,e,f

(3) a,c,f

2.अधिगमकर्ता की निम्नलिखित में से कौनसी विशेषता शिक्षण की प्रभावोत्पादकता से अत्यंत रूप से संबंधित है?
(1) अधिगमकर्ता का पूर्व-अनुभव
(2) अधिगमकर्ता के अभिभावकों का शैक्षिक प्रस्तर
(3)अधिगमकर्ता के साथी समूह
(4) परिवार का आकार, जिसका अधिगमकर्ता एक अंग है

(1)   अधिगमकर्ता का पूर्व-अनुभव

3 दिए गए दो समुच्चयों में समुच्चय – I में शिक्षण विधियाँ इंगित की गई हैं, जबकि समुच्चय – II में सफलता/

प्रभावोत्पादकता की मूल अपेक्षाएँ दी गई हैं। इन दोनों समुच्चयों को सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूट में से अपने
उत्तर को चुनिए :
समुच्चय
समुच्चय- -II
(शिक्षण विधि)
(सफलता/प्रभावोत्पादकता की मूल आवश्यकताएँ)
(a) व्याख्यान देना
(i) प्रतिपुष्टि सहित लघु पदों में प्रस्तुति
(b) समूहों में चर्चा
(ii) बड़ी संख्या में विचारों को प्रस्तुत करना
(c) विचारावेश प्रक्रिया
(iii) स्पष्ट भाषा में विषयवस्तु का सम्प्रेषण
(d) अभिक्रमित अनुदेशन की पद्धति (iv) शिक्षण-उपकरणों का उपयोग
(v) प्रतिभागियों में प्रकरण-आधारित भागीदारी
कूट:
(b) (d)
(1) (i) (ii) (ii) (iv)
(2) (iii) (iv)
(3) (iii) (v) (ii) (i)
(4) (iv) (ii) (i) (iii)

(3) (iii) (v) (ii) (i)

4.
नीचे दी गई मूल्यांकन प्रक्रियाओं में से उसकी पहचान कीजिए, जिसको ‘निर्माणात्मक मूल्यांकन’ कहा जाता है। नीचे
दिए गए कूट का प्रयोग करते हुए अपने उत्तर को चुनिए :
(a) शिक्षक पाठ्यक्रम का कार्य पूरा करने के बाद छात्रों को ग्रेड देता है।
(b) शिक्षक कक्षा में छात्रों के साथ अंतःक्रिया के दौरान सुधारात्मक प्रतिपुष्टि प्रदान करता है।
(c) शिक्षक इकाई परीक्षण में छात्रों को अंक देता है।
(d) शिक्षक कक्षा में ही छात्रों के संदेहों को स्पष्ट करता है।
(e) छात्रों के समग्र निष्पादन के बारे में प्रत्येक तीन माह के अंतराल पर अभिभावकों को रिपोर्ट किया जाता है।
(f) शिक्षक प्रश्न-उत्तर सत्र के माध्यम से अधिगमकर्ता की अभिप्रेरणा में वृद्धि करता है।
कूट :
(1) (a), (b) और (c) (2) (b), (c) और (d) (3) (a), (c) और (e) (4) (b), (d) और (f)

(4) (b), (d) और (f)

5.
अभिकथन (A):
तर्क (R):
समस्त शिक्षण का उद्देश्य अधिगम को सुनिश्चित करना होना चाहिए।
समस्त अधिगम शिक्षण का परिणाम होता है।
नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर को चुनिए :
(1) (A) एवं (R) दोनों सही हैं, और (R), (A) की सही व्याख्या है।
(2) (A) एवं (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(3) (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
(4) (A) गलत है, लेकिन (R) सही है।

(3) (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।

6.
नीचे दो समुच्चय दिए गए हैं। समुच्चय – I में शोध के प्रकार दिए गए हैं, जबकि समुच्चय – II में उनकी विशेषताएँ
इंगित की गई हैं। इन दोनों को सुमेलित कीजिए और उपयुक्त कूट का चयन कर अपने उत्तर को दीजिए :
समुच्चय -1
समुच्चय – II
(शोध के प्रकार)
(विशेषताएँ)
(a) मौलिक शोध
हस्तक्षेप के अनुभूत प्रभाव का पता लगाना
(b)
व्यवहृत शोध
(ii) सिद्धांत निर्माण के माध्यम से प्रभावोत्पादक व्याख्या का विकास करना
(c) क्रियात्मक शोध (iii) हस्तक्षेप के उपयोग के माध्यम से प्रचलित स्थिति में सुधार लाना
(d) मूल्यांकन-परक शोध (iv) विभिन्न स्थितियों में उपयोग के लिए सिद्धांत की प्रयोज्यता की खोजबीन
करना
(v) प्राविधिक संसाधनों को समृद्ध करना
कूट:
(a) (b) (c) (d)
(1) (ii) (iv) (iii) (i)
(2) (v) (iv) (iii) (ii)
(3) (i) (ii) (iii) (iv)
(4) (ii) (iii) (iv) (v)

(1) (ii) (iv) (iii) (i)

7.
क्रियाकलापों के निम्नलिखित समुच्चयों में कौनसा समुच्चय क्रियात्मक शोध रणनीति की चक्रीय प्रकृति को इंगित करता
है?
(1)
गहन चिंतन करना, प्रेक्षण करना, नियोजन, क्रियान्विति
(2)
प्रेक्षण करना, क्रियान्विति, गहन चिंतन करना, नियोजन
(3) क्रियान्विति, नियोजन, प्रेक्षण करना, गहन चिंतन करना
(4) नियोजन, क्रियान्विति, प्रेक्षण करना, गहन चिंतन करना

(4) नियोजन, क्रियान्विति, प्रेक्षण करना, गहन चिंतन करना

8.
शोध पदों का निम्नलिखित में से कौन-सा क्रम वैज्ञानिक विधि के निकटस्थ है?
(1)समस्या का प्रस्तावित समाधान, समाधान के परिणामों को निगमित करना, समस्या की स्थिति को अनुभूत करना,

कठिनाई की पहचान और समाधान का परीक्षण।
(2) समस्या की स्थिति को अनुभूत करना, वास्तविक समस्या की पहचान और उसकी परिभाषा, परिकल्पना करना,
प्रस्तावित समाधान के परिणामों को निगमित करना और परिकल्पना का कार्य रूप में परीक्षण।
(3)
समस्या को परिभाषित करना, समस्या के कारणों की पहचान करना, समग्र को परिभाषित करना, प्रतिदर्श का
चयन, आंकड़ों का संग्रहण और परिणामों का विश्लेषण करना।
(4) कारण-मूलक कारकों की पहचान करना, समस्या को परिभाषित करना, परिकल्पना बनाना, प्रतिदर्श का चयन,
आंकड़ों का संग्रहण और सामान्यीकरण तथा निष्कर्षों पर पहुँचना।

(2) समस्या की स्थिति को अनुभूत करना, वास्तविक समस्या की पहचान और उसकी परिभाषा, परिकल्पना करना,
प्रस्तावित समाधान के परिणामों को निगमित करना और परिकल्पना का कार्य रूप में परीक्षण।

9.
‘शोध नैतिकता’ की समस्या शोध क्रियाकलापों के किस पहलू से संबंधित है?
(1) शोध प्रबंध के निर्धारित प्रारूप के अनुसरण से
(2) गुणात्मक या मात्रात्मक तकनीकों के माध्यम से आंकड़ों के विश्लेषण से
(3) शोध के समग्र को परिभाषित करने से
(4) साक्ष्य-आधारित शोध रिपोर्टिंग से

(4) साक्ष्य-आधारित शोध रिपोर्टिंग से

10.
निम्नलिखित में से किस क्रियाकलाप में सृजनशील और समीक्षात्मक चिंतन के संपोषण की अधिक क्षमता है?
(1) शोध सारांश को तैयार करना (2) संगोष्ठी में शोध लेख को प्रस्तुत करना
(3) शोध सम्मेलन में भागीदारी
(4) कार्यशाm में भागीदारी me

(3) शोध सम्मेलन में भागीदारी

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